हिन्दुस्तान के शहर लखनऊ में 21 रमज़ान को हज़रत अली अ. के ताबूत पर हुए पथराव के बाद होने वाले दंगे में थाना ठाकुरगंज पुलिस के द्वारा शियों के विरुद्ध एकतरफ़ा कार्यवाही और शिया बहुल क्षेत्रों में घुसकर गाड़ियों को तोड़ने के विरुद्ध आज मुफ़्तीगंज में स्थित इमामबाड़ा मीरन साहब में मौलाना सय्यद कल्बे जवाद नक़वी की अध्यक्षता में एक आपात बैठक हुई। इस बैठक में स्थानीय लोगों नें मौलाना कल्बे जवाद नक़वी को थाना ठाकुरगंज पुलिस के द्वारा किये गए अत्याचारों से अवगत कराया। मौलाना कल्बे जवाद को सौंपे गए एक मेमोरेण्डम में उनसे सरकार पर शिया के विरुद्ध किये गए अत्याचारों पर रोक लगाने के लिये दबाव बनाने की मांग की गई। मौलाना कल्बे जवाद नक़वी नें बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि उन्होंने इस बार पुलिस के द्वारा किये गए अत्याचारों को बहुत सुना है। उन्होंने कहा कि वज़ीरगंज में अज़ादारों पर हुई फ़ायरिंग करने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्यवाही की जाती तो दंगे करने वालों के हौसले बुलंद न होते।सय्यद कल्बे जवाद नक़वी नें सभी मौलानाओं से आपसी एकता बनाए रखने की अपील की और कहा की वह इसमें कोई कमी न छोड़ें। उन्होंने कहा कि ज़ालिमों को बख़्शा नहीं जाएगा। मौलाना नें यह भी कहा कि जिन लोगों का नुक़सान हुआ उन्हे सरकार से मुआवज़ा दिलवाया जाएगा।
21 अगस्त 2013 - 19:30
समाचार कोड: 454556
हिन्दुस्तान के शहर लखनऊ में 21 रमज़ान को हज़रत अली अ. के ताबूत पर हुए पथराव के बाद होने वाले दंगे में थाना ठाकुरगंज पुलिस के द्वारा शियों के विरुद्ध एकतरफ़ा कार्यवाही और शिया बहुल क्षेत्रों में घुसकर गाड़ियों को तोड़ने के विरुद्ध आज मुफ़्तीगंज में स्थित इमामबाड़ा मीरन साहब में मौलाना सय्यद कल्बे जवाद नक़वी की अध्यक्षता में एक आपात बैठक हुई